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Vilom Shabd in Hindi | विलोम / विलोमर्थक शब्द

Author: Nishant Singh Rajput | 2 months ago

Vilom Shabd in Hindi : विलोम शब्द का सार्थक मलतब उल्टा होता है, किसी शब्द का विलोम या विपरीत अर्थ बतलानेवाले शब्द विलोम या विलोमर्थक शब्द कहलाते है अक्सर बहुत सारे छात्र तरह तरह के विलोम शब्द के तलाश करते है इसलिए आज यहाँ Hindi Vilom Shabd 500 से ज्यादा उपलब्ध कराये है जिसका शब्दों की सूचि निचे प्रस्तुत है।

Vilom Shabd in Hindi

Vilom Shabd in Hindi

शब्द विलोम शब्द
अंगीकार इनकार
अंत आदि
अंतरंग बहिरंग
अंतर सतत
अंतदर्दद्द बहिदर्दद्द
अंतमूर्ख बहीमूर्ख
अंधकार प्रकाश
अकाम सकाम
अकाल सकाल
आगम सुगम
अगला पिछला
अग्र पश्च
अघ अनघ
अग्रज अनुज
अचल चल
अज्ञ विज्ञ
अतल वितल
अति अल्प
अतिरिक्त अनतिरिक्त
अतिवृष्टि अनावृष्टि
अत्यधिक अत्यल्प
अथ इति
अदोष सदोष
अध:ऊपरी
अधम उतम
अधिकतम न्यूनतम
अधिकारी अनधिकारी
अधित्यका उपत्यका
अधुनातन पुरातन
अध्यवसाय अनध्यवसाय
अनंत सांत
अनय नय
अनाथ सनाथ
अनुकरण अननुकरण
अनुकूल प्रतिकूल
अनुग्रह विग्रह
अनुरक्ति विरक्ति
अनुराग विराग
अनुलोम विलोम
अपमान सम्मान
अपेक्षा उपेक्षा
अभ्यास अनभ्यास
अभिज्ञ अनभिज्ञ
अमर मर्त्य
अमावस्या पूर्णिमा
अमृत विश
अरुचि रुचि
अर्जन वर्जन
अर्थ अनर्थ
अर्थी प्रत्यर्थी
अर्पण ग्रहण
अर्पित गृहीत
अलभ्य लभ्य
अल्प बहु
अल्पज्ञ बहुज्ञ
अल्पसंख्यक बहुसंख्यक
अल्पायु दीर्घायु
अवकाश अनवकाश
अवगत अनवगत
अवनत अन्नत
अवनति उन्नति
अवनी अंबर
अवर प्रवर
अवरोध अनवरोध
अश्रु हास
अस्य उदय
अस्वस्थ स्वस्थ
आकर्षण विकर्षण
आकाश पाताल
आकीर्ण विकीर्ण
आकुंचन प्रसारण
आगत अनागत
आगम लोप
आगामी विगम
आग्रह अनग्रह
आचार अनाचार
आजाद गुलाम
आजादी गुलामी
आज्ञा अवज्ञा
आतप अनातप
आत्मा अनात्मा
आदत प्रदत
आध अन्त्य
आदान प्रदान
आदि अनादि , अंत
आदिष्ट निशीद्ध
आद्र शुष्क
आधार अनाधार , लम्ब
आधुनिक प्राचीन
आभ्यंतर बाह्म
आम (साधारण)खास
आमिष निरामिष
आय व्यय
आयात निर्यात
आरंभ अंत
आरूढ़ अनारुद्ध
आलोक अंधकार
आवर्तन निवर्तन
आवश्यक अनवश्यक
आविर्भाव तिरोभाव
आशा निराशा
आश्रित अनाश्रित
आसक्त अनासक्त
आस्तिक नास्तिक
आस्था अनास्था
आहार अनाहार
आह्वानविसर्जन
इकट्ठा अलग
इच्छा अनिच्छा
इति अथ
इष्ट अनिष्ट
इहलोक परलोक
ईद मुहर्रक
ईश अनीश
ईश्वर अनिश्वर
ईषत्अलम्
उम्र सौम्य
उचित अनुचित
उच्च निम्न
उत्कर्ष अपकर्ष
उत्कृष्ट निकृष्ट
उतम अनुतम
उतरायण दक्षिणायन
उत्थान पतन
उत्साह निरुत्साह
उदात अनुदात
उदार अनुदार
उद्धत विनीत
उधम निरुद्धम
उधार नगद
उन्नति अवनति
उन्मीलन निमीलन
उन्मुख विमुख
उन्मूलन मुलन
उपकार अपकार
उपभुक्त अनुपभुक्त
उपयुक्त अनुपयुक्त
उपयोग दुरुपयोग
ऊपरी अध:
उपसर्ग प्रत्यय
उपस्थिति अनुपस्थिति
उर्वर बंजर
ऋजुवक्र
ऋत अनृत
एकतंत्र भहुतंत्र
एकत्र विकीर्ण
एकमुखी बहुमुखी
एकेश्वरवाद बहुदेववाद
एडी चोटी
ऐतिहासिक अनैतिहासिक
ऐश्वर्य अनैश्वर्य
ऐक्य अनैक्य
ऐहिक पारलौकिक
औचित्य अनौचित्य
औदित्य अनौदित्य
कल आज
कटु मधू
कठिन सरल
कठोर दयालु
कड़वा मीठा
कनिष्ठ ज्येष्ठ
कपट निष्कपट
कपूत सपूत
करूण निष्करुण
कर्कश मधुर
कर्म अकर्म
कर्मण्य अकर्मण्य
कसूरवार बेकसूर
कलुष निष्कलुष
कायर निडर
कायरता निडरता
कीर्ति अपकीर्ति
कृतज्ञ क्रीतघ्न
कृत्रिम प्राकृत
कृपण दानी
कृष्ण शुक्ल
कुटिल सरल
कुमार्ग सुमार्ग
कुरूप सुंदर
कुसुम वज्र
कोप कृपा
कोमल कठोर
क्रय विक्रय
क्रेता विक्रेता
क्रूर अक्रूर
क्रोध क्षमा
क्षणिक शाश्वत
क्षम अक्षम
क्षमा दंड
क्षम्य अक्षम्य
क्षर अक्षर
क्षुद्र महत्
खंडन मंडन
खरीद बिक्री
खल सज्जन
खाध अखाध
खिलना मुरझाना
खीझना रीझना
खेद प्रसन्नता
गगन धरा
गणतंत्र राजतंत्र
गत आगत
गमन आगमन
गरल सुधा
गरीब अमीर
गहरा छिछला
गीला सुखा
गुण दोष
गुप्तप्रकट
गुरु लघु
गृहस्थ संन्यासी
गेय अगेय
गोचर अगोचर
गोरक्षक गोभक्षक
गौरव लाघव
ग्रस्त मुक्त
ग्राम्य नगर
ग्राह्म त्याज्य
घटना बढ़ना
घर बाहर
घरेलू बनैला
घात प्रतिघात
घृणा प्रेम
चंचल अचंचल
चढ़ाव उतार
चर अचर
चल अचल
चाह अनचाह
चिन्मय अचिन्मय
चिरंतन आधुनातन
चिरनवीन
चेतन अचेतन
चोर साधु
छली निश्छल
छाँह धूप
छूत अछूत
जंगल स्थावर
जटिल सरल
जड़ चेतन
जन्म मृत्यु
जय पराजय
जल थल
जल्द देर
जवानी बुढ़ापा
जागरण निद्रा
जागृति सुषुप्ति
जाग्रत सुप्त , सुषुप्त
जाड़ा गर्मी
जाती विजाति
जातीय विजातीय
जीवन मरण , मृत्यु
जीवित मृत
ज्येष्ठ कनिष्ठ
ज्योति तम
ज्वार भाटा
ज्ञान अज्ञान
झूठ सच
झोपड़ी महल
तम आलोक
तरल ठोस
तरुण वृद्ध
तानी भरनी
ताप शीत
तामसिक सत्विक
तारीफशिकायत
तिक्त मधुर
तिमिर प्रकाश
तीक्ष्ण कुंठित
तीव्र मंद
टिकांत अतुकांत
तुच्छ महान
तुष्णा तृप्ति
त्याज्य ग्राह्म
थोक खुदरा
थोड़ा बहुत
दक्षिण वार
दिन रात
दिवा रात्री
दीर्घ ह्रस्व
दीर्घकाय कृशकाय
दुराचारी सदाचारी
दुर्जन सज्जन
दुर्दनत शांत
दुर्लब सबल
दुर्लभ सुलभ
दु : शील सुशील
दूषित स्वच्छ , अदूषित
दृढ़ अदृढ़ , विचलित
दृश्य अदृश्य
देय अदेय
धनी निर्धन
धरा गगन
धर्म अधर्म
धूप छाँह
धृष्ट अधृष्ट , विनीत
ध्वंस निर्माण
देव दानव
दोष गुण
नकली असली
नख शिख
नगर ग्राम
नमकहलाल नमकहराम
नया पुराना
नर नारी
नवीन प्राचीन
नश्वर शाश्वर
नागरिक ग्रामीण
नास्तिक आस्तिक
निगलना उगलना
निंदा प्रशंसा , स्तुति
निंध वंध
नित्य अनित्य
निद्रा अनिद्रा , जागरण
निरक्षर साक्षर
निरर्थक सार्थक
निरामिष सामिष
निर्जीव सजीव
निर्दय सदय
निर्दोष सदोष
निर्मल अनिर्मल , मलिन
निर्माण ध्वंस
निर्लज्ज सलज्ज
निश्चेष्ट सचेष्ट
निषिद्धअनिषिद्ध
निषेध विधि
निष्काम सकाम
नूतन पुरातन
नेकी बदी
नैसर्गित कृत्रिम
नयाय अन्याय
न्यून अधिक
पंडित मूर्ख
पक्ष विपक्ष
पतन उत्थान
पतनोन्मुख विकसोन्मुख
पता खोज
परतंत्र स्वतंत्र
पराज्य जय
पराया अपना
परार्थ स्वार्थ
परिश्रम विश्राम
परूष कोमल
पवित्र अपवित्र
पात्र अपात्र
पानी आग
पाप पुण्य
पालक संहारक
पाश्चात्य पौरस्त्य
पुरस्कार दंड
पुरातन अधुनातन
पुष्ट अपुष्ट
पूर्णता अपूर्णता
पूर्णिमा अमावस्या
पूर्व उतर , पश्चिम
पूर्ववत् नूतनवत्
पूर्ववर्ती उतरवर्ती
प्रकट गुप्त
प्रकाश अंधकार
प्रख्यात अख्यात
प्रज्ञअज्ञ , मूढ़
प्रतिकूल अनुकूल
प्रतीची प्राची
प्रत्यक्ष परोक्ष
प्रधान गौण
प्रफुल्ल म्लान
प्रमुख सामान्य
प्रयोग अप्रयोग
प्रवृति निवृति
प्रशंसा निन्दा
प्रसाद विषाद
प्रसारण संकुचन
प्राकृतिक कृत्रिन
प्राचीन अर्वाचीन
प्रारंभिक अंतिम
प्रेम घृणा
फलदायक निष्फल
फायदा नुकसान
बंधन मुक्ति
बच्चा बूढ़ा
बढ़िया घटिया
बद्धमुक्त
बर्बर सभ्य
बलवान बकहीन
बहिरंग अंतरंग
बाढ़ सुखा
बाह्मआभ्यंतर
बुरा भला
भद्रअभद्र
भारी हलका
भूगोल खगोल
भूत भविष्य
भूलोक धुलोक
भेद अभेद
भोली योली
भौतिक आभयात्मिक
भ्रांत निर्भ्रांत , अभ्रांत
मंगल अमंगल
मनुज दनुज
मर्त्य अमर्त्य
मसृण रुक्ष
महात्मा दुरात्मा
माता पिता
मान अपमान
मानवदानव
मालिक नौकर
मिलन विरह
मुख पृष्ठ
मुख्य गौण
मुनाफा नुकसान
मुक वाचाल
मृत जीवित
मृदुल रुक्ष , कठोर
महनती आलसी
मोक्ष बंधन
यथार्थ कल्पित
यश अपयश
योग वियोग
योगी भोगी
यौवन वार्धक्य
रंगीन रंगहीन , बेरंग
रक्षक भक्षक
रचना ध्वंस , विनाश
रत विरत
राग विराग
रागी विरागी
राजतंत्र प्रजातंत्र
राजा प्रजा , रंक
राम रावण
राव रंक
रिक्त पूर्ण
रूपवान कुरूप
लघु गुरु
लाभ हानी
लिखित अलिखित
लिप्त अलिप्त , निर्लिप्त
लुप्त प्रकट , व्यक्त
लेन देन
लौकिक अलौकिक
वक्र ऋजु
वन मरु
वन्य पालित
वसंत पतझड़
बहिष्कार स्वीकार
वाद प्रतिवाद
विकर्ष आकर्ष
विजय पराजय
विधवा सधवा
विधि निषेध
वीपति संपति
वीपद् संपद्
वीपन्न सम्पन्न
विमुख उन्मुख
वियोग संयोग
विरत निरत , रत
विरह मिलन
विवाद अविवाद
विशालकाय लघुकाय
विशिष्ट साधारण
विश्लेषण संश्लेषण
विश्वाश अविश्वास
विष अमृत
विसर्जन सर्जन
विस्तार संक्षेप
विस्तृत संक्षिप्त
वीर कायर
वृद्धबालक
वृध्दि ह्रास
वृष्टि अवृष्टि , अनावृष्टि
वृहत् लघु
वैतनिक अवैतनिक
वैमनस्य सौमनस्य
व्यर्थ अव्यर्थ , सार्थक
व्यष्टि समष्टि
व्यावहारिक अव्यावहारिक
शकुन अपशकुन
शत्रु मित्र
शयन जागरण
शरण अशरण
शांत अशांत
शांति अशांति
शासक शासित
शिव अशिव
शीत अशीत , उष्ण
शुक्ल कृष्ण
शुचि अशुचि
शुभ अशुभ
शुष्क आर्द्र
शोक हर्ष
शोषक पोषक
शोषण पोषण
श्रध्दा आश्रध्दा
श्रव्य दृश्य
श्रांत अश्रांत
श्रीगणेश इतिश्री
शृंखला विशृंखल
श्लील अश्लील
श्वेत श्याम
संकल्प विकल्प
संकीर्ण विस्तीर्ण
संकोच असंकोच , प्रसार
संगत असंगत
संघटन विघटन
संत असंत
संतोष असंतोष
संधि विग्रह
संन्यासी वीपद्
संपन्न वीपन्न
संयोग विंयोग
संश्लिष्ट विश्लिष्ट
सकमर्क अकर्मक
सकाम निष्काम
सक्षम अक्षम
सखा शत्रु
सगुण निर्गुण
सजन निर्जन
सजीव निर्जीव
सज्जन दुर्जन
सत् असत्
सत्कर्म दुष्कर्म
सत्कार तिरस्कार
सत्यवृत दुर्वत
सदय निर्दय
सदाचार दुराचार
सदाशय दुराशय
सद्वृति दुर्वृति
सनाथ अनाथ
सपूत कपूत
सफल विफल
सबल दुर्बल
सबाध निर्बाध
सभ्य असभ्य
सम विषम
समष्टि व्यष्टि
समाज व्यक्ति
समास व्यास
समूल निर्मूल
सम्मान अपमान
सम्मुख विमुख
सरल वक्र , तिर्यक
सर्द गर्म
सरस नीरस
सलज्ज निर्लज्ज
सवाल जवाब
स्वीकार निर्विकार
ससीम असीम
सहज कठिन , दुष्कार
सहयोग असहयोग
सांत अनंत
साकार निराकार
साक्षर निरक्षर
सात्विक तामसिक
सादर निरादर
साधु असाधु
सापेक्ष निरपेक्ष
सामान्य असामान्य , विशिष्ट
सामिष निरामिष
सारअसार
सार्थक निरर्थक
साला बहनोई
साहस भय
सुकर दुष्कर
सुकर्म दुष्कर्म
सुकाल अकाल
सुकृति दुष्कृति
सुख द :ख
सुगंध दुर्गम
सुगम दुर्गम
सुदूर सन्निकट
सुधा गरल
सुनाम दुर्नाम
सुंदर कुरूप
सुपथ कुपथ
सुपरिणाम दुष्परिणाम
सुपात्र कुपात्र
सुबह शाम
सुबुध्दि कुबुध्दि
सुभाग दुर्भाग
सुमति कुमति , दुर्मति
सुमार्ग कुमार्ग
सुयश अयश
सुराज दुराज
सुलभ दुर्लभ
सुशील दुश्शील
सुसंगति कुसंगति
सूक्ष्म स्थूल
सृष्टि प्रलय
सेवक स्वाती
सौभाग्य दुर्भाग्य
सौम्य असौम्य
स्तुति निन्दा
स्तुत्य निंध
स्थावर जंगल
स्थिर चंचल
स्थूल सूक्ष्म
स्निग्ध रुक्ष
स्मरण विस्मरण
स्वकीया परकिया
स्वजाति विजाति
स्वतंत्रता परतंत्रता
स्वदेशी परदेशी ,वउदेशी
स्वधर्म परधर्म
स्वप्न जागरण
स्वर्ग नरक
स्वाधीन पराधीन
स्वामी सेवक
स्वार्थ परार्थ
स्वीकृत अस्वीकृत
हर्ष विषाद
हार जीत
हास रुदन
हिंसा अहिंसा
हिट अहित
ह्रस्व दीर्घ
ह्रास वृध्दि

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मै निशांत सिंह राजपूत इस ब्लॉग का फ़ाउंडर हूँ। मुझे अलग-अलग चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में रूचि है, मै करीब 3 वर्ष से अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहा हूँ। मेरे द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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