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वाच्य किसे कहते है – परिभाषा, भेद, उदाहरण | Vachya in Hindi

Vachya in Hindi : आज इस लेख में आपको हम हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण पाठ वाच्य के बारे में जानने वाले है यहाँ आपको हम बताएँगे की वाच्य किसे कहते है – परिभाषा, भेद, उदाहरण (Vachya in Hindi) अगर आप इन सभी के जानने के लिए इक्छुक है तो इस लेख पर अंत तक बने रहना होगा।

आप जानते हैं कि संज्ञा या सर्वनाम के अपने लिंग, वचन तथा पुरुष होते है, लेकिन क्रिया यदि शुद्ध रूप में हो, तो उसका कोई अपना लिंग, वचन या पुरुष नहीं होता। उसके लिंग, वचन और पुरुष संज्ञा या सर्वनाम के लिग, वचन और पुरुष पर निर्भर करते हैं। इस बात की विशेष जानकारी हमें ‘वाच्य’ के अध्ययन से मिलेगी।

Vachya in Hindi

वाच्य किसे कहते है

कर्ता, कर्म या भाव (क्रिया) के अनुसार किया के रूप परिवर्तन को वाच्य कहते हैं, दूसरे शब्दों में, वाक्य में किसकी प्रधानता है, अर्थात् क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के अनुसार होंगे या कर्म के अनुसार अथवा स्वयं भाव के अनुसार, इसका बोध वाच्य’ है। जैसे-

राम रोटी खाता है। (कर्ता के अनुसार क्रिया) कर्ता की प्रधानता।

यहाँ कर्ता के अनुसार क्रिया का अर्थ है—

राम (कर्ता) = खाता है (क्रिया) ।

राम — पुलिंग, एकवचन, अन्यपुरुष

खाता है —  ”    ”    ”    ।

राम द्वारा रोटी खाई गई। (कर्म के अनुसार क्रिया) — कर्म की प्रधानता ।

यहाँ कर्म के अनुसार क्रिया का अर्थ है —

रोटी (कर्म) = खाई गई (क्रिया)। 

रोटी — स्त्रीलिंग, एकवचन, अन्यपुरुष।

खाई गई — ”   ”    ”     ।

सीता से चला नहीं जाता। (भाव के अनुसार क्रिया) — भाव की प्रधानता । 

यहाँ भाव (क्रिया) के अनुसार क्रिया का अर्थ है —

चला (भाव या क्रिया) = जाता (क्रिया)।

चला — पुंलिंग, एकवचन, अन्यपुरुष ।

जाता — ”     ”      ”    ।

वाच्य के भेद – Vachya Ke Bhed

वाच्य के तीन भेद है।

1. कर्तृवाच्य (Active Voice), 

2. कर्मवाच्य (Passive Voice) 

3. भाववाच्य (Impersonal Voice) 

कर्तृवाच्य किसे कहते है

कर्ता के अनुसार यदि क्रिया में परिवर्तन हो, तो उसे कर्तृवाच्य कहते है। जैसे —

कर्ता कर्मक्रिया
राम(रोटी)खाता है।
सीता(भात)खाती है।
लड़के(संतरे)खाते हैं।
कर्ता के अनुसार क्रिया — कर्तृवाच्य

यहाँ प्रयुक्त क्रियाएं – खाता है, खाती है, खाते हैं, कर्ता के अनुसार आई हैं, क्योंकि यहाँ कर्ता की प्रधानता है, अतः यह कर्तृवाच्य हुआ। इसमें कर्म की कोई महत्ता नहीं रहती है। उदाहरणस्वरूप कुछ और वाक्यों को देखें।

राम        (रोटी/रोटियाँ / भात / सतरा / संतरे) खाता है।

सीता      (रोटी / रोटियाँ / भात/संतरा/संतरे) खाती है।

लड़के     (रोटी / रोटियाँ / भात/संतरा/संतरे) खाते हैं।

कर्मवाच्य किसे कहते है

कर्म के अनुसार यदि क्रिया में परिवर्तन हो, तो उसे कर्मवाच्य कहेंगे। जैसे —

कर्ता कर्मक्रिया
(राम द्वारा)रोटीखाई गई ।
सीता द्वाराभातखाया गया
(गीता द्वारा)संतरेखाए गए
कर्म के अनुसार क्रिया — कर्मवाच्य

यहाँ प्रयुक्त क्रियाएँ—खाई गई, खाया गया, खाए गए, कर्म के अनुसार आई हैं, क्योंकि यहाँ कर्म की प्रधानता है, अतः यह कर्मवाच्य हुआ। इसमें कर्ता से कुछ मतलब नहीं है। कर्ता कुछ भी हो सकता है। जैसे—

(राम / सीता / लड़के / लड़को / कुत्ते / मेरे / उसके द्वारा) रोटी खाई गई।

 ( ”   ”   ”   ”   ”   ”   ”   “) भात खाया गया।

( ”   ”   ”   ”   ”   ”   ”   ” ) संतरे खाए गए।

भाववाच्य किसे कहते है

भाव (क्रिया) के अनुसार यदि क्रिया में परिवर्तन हो, तो उसे भाववाच्य कहेंगे। जैसे—

कर्ता कर्मक्रिया
राम से/राम द्वाराचला नहींजाता ।
सीता से/सीता द्वाराचला नहींजाता ।
लड़कों से/लड़कों द्वाराचला नहींजाता ।

यहाँ प्रयुक्त क्रियाएँ — जाता, जाता जाता; भाव (क्रिया) के अनुसार आई क्योंकि यहाँ भाव (क्रिया) की प्रधानता है, अतः यह भाववाच्य हुआ। इसमें नही होता है और कर्ता से भी कुछ लेना-देना नहीं। सिर्फ भाव की प्रधानता रहती है। जैसे—

मुझसे उनसे/आपसे कुत्ते से कुत्तों से लड़कियों से चला नहीं जाता।

”    ”    ”    ”    ”    ”    ”  सोया नहीं जाता। 

नोट— भाववाच्य में कर्म नहीं होता है। इसमें अकर्मक क्रिया का प्रयोग होता है। यहाँ प्रयुक्त ‘चला’ या ‘सोया’ शब्द अकर्मक किया है। 

संक्षेप में याद रखें।

कर्ता के अनुसार क्रिया  — कर्तृवाच्य

कर्म के अनुसार किया   — कर्मवाच्य।

भाव (क्रिया) के अनुसार किया   — भाववाच्य।

वाच्य रूपांतर (परिवर्तन)

एक वाध्य से दूसरे वाच्य में परिवर्तन वाच्य परिवर्तन या रूपांतर कहलाता है।

ध्यान रखें — ऐसे परिवर्तन से वाक्य के अर्थ या किया के काल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। जैसे—

कर्तृवाच्य कर्मवाच्य
मै रोटी खाता हूँ।मेरे द्वारा रोटी खाई जाती है।
मैं रोटियाँ खाता हूँ ।मेरे द्वारा रोटियाँ खाई जाती हैं।
गीता भात खाती है।गीता द्वारा भात खाया जाता है।
तुम अंडे खाती हो।आप अंडे खा रहे थे।
तुम अंडे खाते हो।तुम्हारे द्वारा अंडे खाए जाते हैं।
आप अंडे खा रहे थे।आपके द्वरा अंडे खाए जा रहे थे।
वह अंडा खाएगा।उसके द्वारा अंडा खाए जाते है।
माँ बच्चो को खिला रही है।मां डरा बच्चे खिलाए जा रहे है।
आप मेरी सहायता करते है।आपके द्वारा मेरी सहायता की जाती है।
राजू कुत्ते को भरा रहा है।राजू द्वारा कुत्ते को भगाया जा रहा है।
बच्चे बिल्लियों को सूला रहे है।बच्चों द्वारा बिल्ल्लियाँ सुलाई जा रही है।
वे मुझे अंग्रेजी पढ़ते थे।उनके द्वारा मुझे अंग्रेजी पढाई जाती थी।
राम आम खा चूका है।रात द्वारा आप खाया जा चूका है।

FAQ

Q : वाच्य किसे कहते है?

Ans : क्रिया के उस परिवर्तन को वाच्य कहते हैं, जिसके द्वारा इस बात का बोध होता है कि वाक्य के अन्तर्गत कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है।

Q : वाच्य के कितने भेद होते है?

Ans : वाच्य के तीन भेद है जो, कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य है.

उम्मीद करता हूँ की आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा अगर आपको इसके बारे में समझने में कोई दिक्कत हो या कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है हम आपके प्रश्न का उत्तर जरूर देंगे।

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