Sangya Kise Kahate Hai | संज्ञा किसे कहते है, परिभाषा, भेद एवं उदाहरण सहित

संज्ञा

Sangya Kise Kahate Hai: नमस्कार दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप सभी का हमारे हिन्दी ब्लॉगिंग वेबसाईट hindigyandesk.com में हार्दिक स्वागत है। यदि आप भी संज्ञा (Sangya) एवं उनके भेदों के बारे में जानना चाहते है तो आप बिल्कुल सही जगह आए है।

क्योंकि आज हम इस लेख में संज्ञा (Sangya) तथा उसके भेदों के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे। इसलिए पूरी जानकारी के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

हिन्दी को अच्छे ढंग से समझने और लिखने के लिए व्याकरण की सही जानकारी होना अति आवश्यक है। ऐसे में संज्ञा भी व्याकरण का ही एक बहुत महत्वपूर्ण बिन्दु है जिसकी जानकारी हर एक व्यक्ति के लिए जरूरी है।

संज्ञा किसे कहते है (Sangya Kise Kahate Hai)

वह विकारी शब्द जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान ,जाति या भाव के नाम का बोध हो, संज्ञा (Sangya) कहलाता है। अर्थात संज्ञा का अर्थ नाम होता है, जिसका कुछ नाम हो वह संज्ञा है।

संज्ञा के भेद/ प्रकार

संज्ञा का पांच भेद है, जो इस प्रकार है-

1. व्यक्ति वाचक संज्ञा

2. जातिवाचक संज्ञा

3. द्रव्यवाचक संज्ञा

4. समूह वाचक संज्ञा

5. भाववाचक संज्ञा

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा

वह शब्द जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध हो, व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाता है। उदाहरण-

व्यक्तियों के नाम- राम, श्याम, गोपाल आदि।

स्थानों के नाम- अमेरिका, रूस, दिल्ली, मुंबई आदि।

नदियों के नाम- ब्रह्मापुत्र, गोदावरी, गंगा आदि।

पुस्तकों के नाम- रामायण, कुरान आदि।

2. जातिवाचक संज्ञा

वह शब्द जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की संपूर्ण जाति का बोध हो, जातिवाचक संज्ञा कहलाता है।उदाहरण-

प्राणी- मनुष्य, पशु, पक्षी आदि।

वस्तु- कुर्सियां, कप, घड़ी आदि।

स्थान- नदी, पर्वत, शहर आदि।

प्राकृतिक घटनाएं- भूकंप, वर्षा, तूफान आदि।

3. द्रव्यवाचक संज्ञा

वह शब्द जिसके माध्यम से किसी द्रव्य (पदार्थ) का बोध हो,जिसे मापा या तोला जा सके परंतु गणना ना की जा सके, द्रव्यवाचक संज्ञा कहलाता है। उदाहरण-

धातु या खनिजों के नाम- लोहा, चांदी, सोना आदि।

खाद्य पदार्थों के नाम- दूध, पानी, घी आदि।

4. समूहवाचक संज्ञा

वह शब्द जिसके माध्यम से अनेक प्राणियों या वस्तुओं के एक समूह का बोध हो, समूह वाचक संज्ञा कहलाता है। उदाहरण-भीड़, गुच्छा आदि।

व्यक्तियों का समूह-परिवार, सेना, भीड़ आदि।

वस्तुओं का समूह-गुच्छा, पुंज, श्रंखला आदि।

5. भाववाचक संज्ञा

वह शब्द जिसके माध्यम से किसी गुण, धर्म, दशा या कार्य का बोध हो तथा जिसकी गणना ना की जा सके, भाववाचक संज्ञा कहलाता है। उदाहरण- क्रोध, लोभ, बचपन, पढ़ाई, बुढ़ापा, धैर्य आदि।

Note-भाववाचक संज्ञा ओं का निर्माण जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय में प्रत्यय लगाकर होता है जैसे-

1). पशु (जातिवाचक संज्ञा) + त्व (प्रत्यय) = पशुत्व (भाववाचक संज्ञा)

2). अपना (सर्वनाम) + त्व (प्रत्यय) = अपनत्व (भाववाचक संज्ञा)

3). साफ (विशेषण) + आई (प्रत्यय) = सफाई (भाववाचक संज्ञा)

4). खेलना (क्रिया) + अ (प्रत्यय) = खेल (भाववाचक संज्ञा)

5). भीतर (अव्यय) + ई (प्रत्यय) = भीतरी (भाववाचक संज्ञा)

FAQ

Q- संज्ञा (Sangya) किसे कहते है ?

Ans- किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम को संज्ञा कहते है। जैसे- राम, कानपुर, मेज इत्यादि।

Q- संज्ञा के कितने प्रकार है ?

Ans- संज्ञा के पाच प्रकार है।

Q- संज्ञा के भेदों का नाम बताए।

Ans- संज्ञा के पाँच भेद है, जिनका नाम इसप्रकार है- 1. व्यक्ति वाचक संज्ञा 2. जातिवाचक संज्ञा 3. द्रव्यवाचक संज्ञा 4. समूह वाचक संज्ञा 5. भाववाचक संज्ञा

निष्कर्ष

दोस्तों आप सबने इस लेख में ‘Sangya Kise Kahate Hai‘ के बारे में जाना। उम्मीद करता हूँ की इस लेख में बताए गए जानकारी आपको पसंद आई होगी। यदि लेख से संबंधित आपका कोई प्रश्न या सुझाव है तो आप हमें कमेन्ट में लिखकर जरूर बताए। मुझे आपकी मदद करके अच्छा लगेगा।

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