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Pankaj Tripathi Biography in Hindi | पंकज त्रिपाठी का जीवन परिचय

Pankaj Tripathi Biography in Hindi : आज इस लेख में हम आपको पंकज त्रिपाठी का जीवन परिचय बताएँगे पंकज त्रिपाठी फिल्म सिटी के बेहतरीन अभिनेता है केवल फैन फॉलोविंग दुनियाभर में अभिनेता पंकज त्रिपाठी एक छोटी सी गांव से हैं और छोटी सी गांव से उठकर बड़े पर्दे पर अपना नाम कमाना कोई छोटी बात नहीं है।

जैसे कि फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में एक जानलेवा कसाई की बहुत ही अच्छा भूमिका निभाई है बहुत ऐसा लोग हैं जो बिना किसी गॉड फादर्स के भी पर्दें पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं और सही मायनों में देखा जाए तो हमारा असली कलाकार भी वही होता है जैसे कि हमारे पंकज त्रिपाठी है। 

Pankaj Tripathi Biography in Hindi

जिसने पर्दे पे खुद अपनी छाप कुछ इस तरह छोड़ी है कि वे काफी सालों तक यानी कि पीढ़ियों तक उनको याद किए जा सकता है आइये आज हम जानते हैं कि कैसे बिहार के एक छोटे किसान के घर में जन्मे एक लड़के ने बड़े पर्दे पर अपनी नाम बनायीं यहाँ Pankaj Tripathi Biography जानेंगे। 

Pankaj Tripathi Biography in Hindi

नामपंकज त्रिपाठी
जन्मदिन5 सितंबर 1976
जन्म स्थानगांव, बेलसंड, गोपालगंज के पास, बिहार
उम्र46 साल (साल 2022 )
शिक्षा2004 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD)
से नाटक में स्नातक
स्कूलगांव, बेलसंड, गोपालगंज के पास, बिहार
कॉलेजनेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), दिल्ली,
राशिकन्या
पिता का नामपंडित बनारस तिवारी
माता का नामहेमंती
भाई-बहन 3+2
पत्नी का नाम मृदुला त्रिपाठी
संतान 1 बेटी (आशी त्रिपाठी)
नागरिकताभारतीय
गृह नगरगोपालगंज, बिहार
धर्महिन्दू
जातिराजपूत
लम्बाई5 फीट 11 इंच
वजन80 किलो
आँखों का रंगगहरा भूरा
बालो का रंगकाला
पेशा अभिनेता
पहली फिल्मफिल्म: – रन (2004)
टीवी: – गुलाल (2010)
वैवाहिक स्थितिविवाहित
शादी की तारीख15 जनवरी 2005

पंकज त्रिपाठी का निजी जीवन

अभिनेता पंकज त्रिपाठी उन्होंने बताते हैं कि उनका शुरुआती की पढ़ाई का माहौल बहुत सुद्ध था उन्होंने कक्षाएं पांचवीं तक एक पेड़ की छांव में पढ़ाई की है और यह इसलिए क्योंकि उनके गांव में उस वक्त कोई स्कूल नहीं थी. वे बताते हैं कि उनके गांव में बिजली भी नहीं रहती थी 

कुछ वक्त पहले ही बिजली उनकेे गांव में आई है जिसे देख कर हम यह अंदाजा लगा सकते हैं कि पंकज कितनी छोटी सी गांव से उठ कर यहा तक पहुंचे हैं. अभिनेता पंकज त्रिपाठी एक शादीशुदा हैं, उनकी शादी 15 जनवरी वर्ष 2004 को मृदुला से हुई थी और उनके एक बेटी भी है।

पंकज त्रिपाठी का शुरुआती करियर

अभिनेता पंकज त्रिपाठी उनके पिता एक छोटे किसान रहते भी उन्होंने चाहते थे कि मेरा बेटा को पढ़ा लिखा कर डॉक्टर बनाने ताकि वो उनका और उनके पुरे गाँव के नाम रोशन कर सकें. इसी के लिए उन्होंने पंकज त्रिपाठी को अच्छा पढ़ने के लिए उनको पटना भेज दिया. पंकज त्रिपाठी ने बायोलॉजी से इंटर पास किया. उसके बाद उन्होंने एंट्रेंस सिखने के लिए कोचिंग शुरू कर दी थी।

अभिनेता पंकज त्रिपाठी दो बार एग्जाम भी दिए पर उसे पास नहीं हो पाए. पढ़ाई के ही दौरान वे एक छात्र संगठन से जुड़ चुके थे. एक आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा. फिर वे एक बिहार में वाम दल से भी जुड़े. फिर वे और उनके दोस्त कालिदास रंगालय में नाटक देखने-सुनने जाने लगे ।

जिससे पंकज त्रिपाठी की रुचि अभिनय की तरफ बढ़ने लगी. उसके बाद उन्होंने बिहार के आर्ट थिएटर जॉइन कर लिया. अब वे नाटकों में अभिनय करने लगे. पर अभिनय के अलावा वे एक होटल में काम करने लगे. वह जिसका नाम था मौर्य होटल में नाईट शिफ्ट में रसोई पर्यवेक्षकों का काम किया करते थे।

पंकज त्रिपाठी का बॉलीवुड करियर

पंकज त्रिपाठी रंगमंचों में काम करते करते उनको लगा कि इतने से मेरा गुजारा होने वाला नहीं है तो वे अपनी पत्नी के साथ वर्ष 2004 में मुम्बई चले गए. वहां जाने के बाद वर्ष 2004 में ही फ़िल्म रन में उन्हें एक छोटा सा रोल मिला पर पंकज त्रिपाठी ने उस रोल को बहुत अच्छा तरह किऐ ।

फिर उसके बाद उन्होंने बहुत सारे फिल्मों और सीरियल में छोटे मोटे रोल किए पर उनकी किस्मत की चाबी तब जा के खुली जब वर्ष 2012 में उन्हें गैंग्स ऑफ वासेपुर में काम मिला इस फ़िल्म से वे बहुत ज्यादा फेमस हो गए. उन्होंने तमिल और साऊथ फिल्मों में भी काम करते नज़र आ रहे हैं।

प्रारंभिक पढाई 

अभिनेता पंकज त्रिपाठी का जन्म 5 सितम्बर वर्ष 1976 को बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गाँव में एक छोटे किसान परिवार में हुआ है. और वे दो भाई और दो बहने भी है . और उनके घर में कोई फिल्म इंडस्ट्री में नहीं रहते हैं । फिर भी आज के समय सबसे ज्यादा लोकप्रिय बन गए हैं।

पिताजी डॉक्टर बनाना चाहते थे

अभिनेता पंकज त्रिपाठी के पिताजी बचपन में उन्हें जी चाहते थे कि पढ़ा-लिखा कर डॉक्टर बनना लेकिन बहुत उनकी ख़्वाहिश थी उनका बेटा एक बड़ी शहर में यानी कि पटना जैसे बड़े शहर में काम करे और अपने परिवार का नाम रौशन करे. 

इसलिए उनके माँ बाप ने पढाई करने के लिए उन्हें पटना शहर में भेज दिया .पंकज त्रिपाठी बायोलॉजी से इंटर किए हुए है और कुछ सालों तक डॉक्टरी की कोचिंग भी कर चुके हैं . दो बार Exam (इम्तिहान) भी दिया लेकिन जीतना डॉक्टरी के लिए नंबर चाहिए है नहीं था पंकज त्रिपाठी पढाई में मन नहीं लगता था .

सात दिनों के लिए जेल भी गए 

पटना जा के पंकज त्रिपाठी एक छात्र संगठन से जुड़ कर लिए थे . और एक आंदोलन के दौरान सात दिन के लिए एक छोटी सी जेल यात्रा भी किए हुए हैं, इस दौरान उनकी दोस्ती एक वाम दल के सदस्यों से हो गया. जेल से जैसे निकले उसके बाद उनका दोस्तों ने कालिदास रंगालय में नाटक देखने को चलने का कहा . पंकज नाटक देखने चले गए . फिर लगातार एक साल तक नाटक देखते देखते वे  एक गंभीरतापूर्वक दर्शकों बन गए . फिर धीरे-धीरे रुझानों बढ़ने लगा और फिर वे  रंगमंचीय के ही होकर रह गए.

जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ 

अभिनेता पंकज त्रिपाठी उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आई थीं जब उन्होंने लक्ष्मण नारायण का नाटकों अँधा कुआं देखा और उसमे प्रणिता जायसवाल की अदाकारी देख वो रो पड़े थे तब उन्होंने नाटक के महत्त्वपूर्ण का पता तब चला फिर उन्होंने दो साल के लिए Bihar Art Theatre में जा के ज्वाइन किया ।

मौर्या होटल पटना में भी काम किया 

अभिनेता पंकज त्रिपाठी इस बिच उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने उन्हें अभिनय के अलावा किसी और क्षेत्रीय में करियर्स बनाने की सलाह दी थी । और जिसके बाद पंकज त्रिपाठी ने  पटना में फ़ूड क्राफ्ट्स इंस्टीट्यूट्स में एक होटल प्रबंधनों पाठ्यक्रमों किया। बाद में, उन्होंने मौर्य होटल, पटना में नाइटशफ़्ट में रसोईघर पर्यवेक्षकों के रूप में काम किए हुए हैं ।

दो बार एनएसडी से रिजेक्ट हुए

अभिनेता पंकज त्रिपाठी को दिल्ली में ड्रामा स्कूल के बारे में जब उनको पता चला, जहां पढ़ने के लिए ज़्यादा पैसे नहीं लगते था वहां से पंकज त्रिपाठी को दो बार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ने रिजेक्ट कर दिया गया था । लेकिन अपने तीसरे बार बहुत प्रयास से वर्ष 2001 में उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश कर ही लिऐ । जब उन्हें चुना गया, तब तक वे लगभग 35 से अधिक नाटकों में अभिनय कर चुके थे।

पिता को दिलाया नौकरी का भरोसा 

अभिनेता पंकज त्रिपाठी उन्होंने अपनी होटल की नाइट शिफ्ट की नौकरी छोड़ दी । फिर जा के अपने माता-पिता को आश्वस्तकारी किया और NSD से  डिग्री हासिल करने के बाद वह एक ड्रामा प्रोफेसर या शिक्षक बन जाएंगे। लेकिन  उनके पिता अब थोड़ा आश्वस्त थे कि उनको नौकरी मिल जाएगी । वर्ष 2001 से 2004 तक उन्होंने वहां ट्रेनिंग की NSD के बाद, पंकज पटना लौट आए और इसी बीच उनकी शादी भी हो गई।

अभिनेता पंकज त्रिपाठी चार महीने तक पटना में रंगमंच किया तब जा के महसूस हुआ कि हिंदी रंगमंचों में गुज़ारा करना बहुत मुश्किल है  इसे अभी भी शौक़िया लोग चलाते हैं या फिर ये सरकारी अनुदान से चलता है. पंकज त्रिपाठी ऐसा सोचते है ।

मै एक किलो भिन्डी लेकर मुम्बई आया था 

अब पंकज के सामने एक ही विकल्प बचा गया था  कि मुंबई जाओ फिर उन्होंने 16 अक्टूबर 2004 को पत्नी के साथ मुंबई पहुंच गया उस समय पैसों की बहुत ज्यादा ताना-तानी होती थी वे 55000 रुपये लेकर मुम्बई गया हुए थे जो की चार महीने के अन्दर ही पुरे पैसा ख़त्म हो गए . उनकी पत्नी ने बीएड तक पढ़ाई कि हुईं थीं इसलिए उन्होंने एक स्कूल में नौकरी मिल गई उनका ख़र्चे बहुत कम थे तो किसी भी तरह से परिवार चल जाती था।

पंकज त्रिपाठी के अवार्ड्स (Pankaj Tripathi Awards)

फिल्म का नामअवार्डकैटेगरीसाल
न्यूटननेशनल फिल्म अवॉर्डस्पेशल मेंशन2017 
न्यूटनन्यूज़18 रील अवॉर्ड्सबेस्ट सर्पोटिंग एक्टर2017 
स्त्रीस्क्रीन अवार्डबेस्ट सर्पोटिंग एक्टर2018 
स्त्रीज़ी सिने अवॉर्डबेस्ट डायलॉग2019
मिर्जापुरआई रील अवॉर्ड्सबेस्ट एक्टर ड्रामा2019
,,22nd IIFA AwardBest Supporting Actor2022

FAQ

Q : पंकज त्रिपाठी के पत्नी का नाम क्या है?

Ans : मृदुला त्रिपाठी

Q : अभिनेता पंकज त्रिपाठी का जन्म कब हुआ था

Ans : 5 सितंबर 1976 को भारत के बिहार के गोपालगंज जिले के एक छोटे से शहर बेलसंड में हुआ था।

Q : अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने वर्थ क्या होगा?

Ans : लगभग 50 करोड़ रूपये

Q : अभिनेता पंकज त्रिपाठी के गांव का नाम क्या है?

Ans : बिहार के गोपालगंज जिले के एक छोटे से शहर बेलसंड से ताल्लुक रखते है।

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