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दुर्गा पूजा पर निबंध – Durga Puja Essay in Hindi

Durga Puja Essay in Hindi : दुर्गा पूजा हिन्दुओ का प्रसिद्ध त्योहारों में एक है, इस पर्व में माता दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है सभी भक्त जन माता की पूजा, गीत, गान प्रेम-भाव से करते है दुर्गा पूजा 10 दिनों का त्यौहार है लेकिन दुर्गा माता की मूर्ति को 7वें दिन से पूजा की जाती है, आखिरी के ये तीन दिन ही पूजा बड़े धूम-धाम से होती है यह त्यौहार हिंदी धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है।

ऐसे में दुर्गा पूजा पूरा हिंदुस्तान में होती है लेकिन सबसे ज्यादा धूम-धाम से बंगाल, बिहार, झारखण्ड व उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है जो छात्र पढाई करते है अक्सर उन्हें दुर्गा पूजा पर निबंध लिखने को मिलता है इस लिए इस लेख में हमने आपके Durga Puja Essay in Hindi 300 Words, 450 Words, 500 Words, 20 Line लिखे है जो छात्रो के लिए शानदार साबित होगा।

Durga Puja Essay in Hindi

दुर्गा पूजा पर निबंध 300 शब्दों में – Long and Short Durga Puja Essay in Hindi

परिचय

दुर्गा पूजा हिन्दुओ का सबसे पहला प्रसिद्ध त्योहार है दुर्गा पूजा को दशमी विजयादशमी और नवरात्र पूजा भी कहा जाता है यह पर्व उतरी भारत में बड़े बहु भाम से मनाया जाता है इस अवसर पर लोग माता दुर्गा की पूजा और विनती करते है यह पर्व दस दिन तक मनाया जाता है आश्विन के शुक्ल पक्ष के आरंभ से यह पूजा शुरू होती है विभिन्न स्थानों पर भक्तलोग कलश स्थापित कर दुर्गा माता की पूजा प्रारंभ करते है रोज दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है इस त्यौहार में बच्चे से लेकर बुजर्ग तक सभी काफी खुश रहते है। 

उत्सव

दुर्गापूजा दस दिनों तक होती है सप्तमी आस्तमी और नवमी को बिशेष अनुस्थान होता है कुछ आस्थानों पर कलश अस्थापित कर दुर्गा माता की पूजा की जाती है गावं अवाम शहरों

मे गजह गजह पर दुर्गा माता की प्रतिमाओ/मूर्तियाँ को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है उपयुक्त तीन दिनों तक काफी भीड़ रहती है बच्चे इस औसर पर बहुत खुश रहते है व नई नई कपरे पहनकर मेल घूमने जाते है मेले मे तरह तरह के खेल तमासों के मजे लेते है इस तरह दुर्गापूजा का समारोह खतम हो जाता है।  

इतिहास

इस पर्व के साथ की प्राचीन कहानियाँ जूरी रहती है दशहरा सबद का शबदीक  आर्थ दश हारा होता है दुर्गामाता की आर्चना करने के बाद राम ने इसी दिन राम ने दस सिर वाले रावण को मारा था इसी खुशी मे यह पर्व मनाया जाता है कुछ लोगो कहना है की देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक दैत्य दानौ को मारा था इसी उपलक्ष में मनाया जाता है। 

Durga Puja Essay in Hindi

दुर्गा पूजा पर निबंध 450 शब्दों में

दुर्गा पूजा एक हिन्दुओ का महत्वपूर्ण त्योहार है यह पूरे भारत देश भर में मनाया जाता है लेकिन कुछ राज्यों में यह बड़े धूम धाम के साथ मनाया जाता है यह भारत के पश्चिम बंगाल तो यह प्रमुख त्योहार है यह आश्विन माह के शुल्क पक्ष की प्रथम तिथि से दशमी तिथि तक त्यौहार मनायी जाती है और इस अवसर पर स्कूल काँलेज एवं सरकारी दफ्तर लम्बी दिन के लीये बंद रहता है।

यह आश्विन माह में मनाये जाने वाले त्योहाए को शारदीय नवरात्र कहा जाता है यह त्योहार चैत्र  माह में भी मनाई जाती है चैत्र में मनाया जाने वाला त्योहार वसंती नवरात्र के रूप में जाना जाता है लेकिन यह उतना प्रसिद्ध नहीं है जितना की शारदीय  नवरात्र पूजा होता है।

दुर्गा पूजा दस दिनों तक मनाया जाता है वास्व में पहले दिन से नौवें दिन तक मंत्र का उच्चारण देवी दुर्गा के सम्मान में किया जाता है और लोगों नें मंत्र पढ़तें है एवं देवी के शक्ति को याद करते है दसवाँ दिन विसर्जन का दिन होता है इस अवसर पर देवी एवं दुर्गा की मूर्ति स्थापित की जाती है इनकी स्थापना सातवें दिन की जाती है अंतिम दिन पूजा बड़े भूम भाम के साथ मनाया जाता है और वह पर अनेक मूर्तियाँ सजाय जाता है वह अलग अलग मुद्राओ की होती है उन्हें सुंदर वस्त्र पाहनाये जाते है।

देवी दुर्गा के दस हाथ होते है जिसमें विभिन्न प्रकार के अस्त्र धारण किए रहते है पूजा के समय में लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है और लोग पूजा स्थल के पास जमा होते है वे लोग देवी का दर्शन करना चाहते है वे लोग श्रद्धा एवं प्रेम से दान भी करते है। 

विजयादशमी बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है कुछ स्थलों पर रामलीला का आयोजी भी किया जाता है और राम द्वारा रावण को मारा जाता है यह बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत का प्रतीक है कहा जाता है की दशमी के दिन ही राम नें रावण को मारा था इसलिए इसे विजयादशमी के रूम में मनाया जाता है रावण को मरने के बाद राम ने देवी दुर्गा की पूजा की थी तब से इस दिन को दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जा रहा है और दूसरी कहानी यह बताती है की देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक दैत्य दानौ को मारा था इस उपलक्ष में मनाया जाता है।

जो भी हो दुर्गा पूजा एक धार्मिक त्योहार है यह देवी दुर्गा के सम्मान में मनाया जाता है यह बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है यह बड़े बहु भाम से मनाया जाता है और लोग नये कपड़े पहनते है और त्योहार का आनंद लेते है इसका आनंद सभी उम्र के लोग उठाते है खासकर बच्चों की खुशी की तो सीमा नहीं रहती है। 

दुर्गा पूजा पर निबंध 500 शब्दों में

संकेत :- 1.   परिचय       2. महत्व       3. पूजा की तयारी     4. सामाजिक महत्व यवं उपसंहार 

परिचय

दुर्गापूजा को दशहरा विजयदसमी और नवरात्र भी कहा जाता है यह हिन्दुओ का एक प्रसिद्ध त्योहार है यह पर्व मुख्य रूप से उत्तरप्रदेश बिहार, झारखंड तथा बंगाल मे बारी ही तयारी के साथ मनाया जाता है इसके अलावा दुर्गा पूजा भारत के कोनो कोनो में मनाया जाता है।

महत्व

दुर्गापूजा का आरंभ कब हुआ इस के संबंध मे अनेक मत है इसकी अनेक पौरारिक कथाएं देश के भिन्न भिन्न भागों मे प्रचलित है एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार श्रीरामचंद्र जी ने इस दशमी के दिन रावण पर विजय प्राप्त कि थी इसी के लिए आज तक विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है।

दूसरी कथा के अनुसार जिस दिन माँ दुर्गा ने चाडी बनकर देवताओ के शत्रु महिषासुर का वध किया उसी दिन से यह पर्व मनाया जाता है इस पूजा के आरंभ की कथा चाहे जो भी हो इतना तो स्पष्ट होता है की इस दिन सत्य की विजय और असत्य की पराजय हुई थी देवताओ की जीत एवं रक्षसों की हर हुई थी इसी खुशी में भारत के लोग दुर्गा पूजा का पर्व मनाते है और सभी आपसी भेद भाव को भूलकर गले मिलते है।  

पूजा की तैयारी

आश्विन के शूकल पक्ष के आरंभ में कलश स्थापना की जाती है और उस दिन से पूजा आरंभ हो जात है यह पूजा दसमी तक चलती है सप्तमी अष्टमी और नवमी को बड़ें धूम-धूम से पूजा की जाती है नवमी तक दुर्गा सप्तशती का पाठ होता है दसमी को यज्ञ की समाप्ती हो जाती है यह दिन बड़ा ही शुभ मन जाता है।  

भारतीय परिवारों में अच्छे कामों का शुभारंभ इसी दिन किया जाता है सप्तमी के दिन दुर्गा की मूर्ति किसी पवित्र  स्थान पर स्थापित की जाती है जिसकी पूजा दशमी तक चलती है कहा जाता है की भगवान राम ने दुर्गा की पूजा की थी और उन्हें दुर्गा की सहायता से ही विजय प्राप्त हुई थी।   

दुर्गा की महत्व का यही कारण हा की लोग नाच गान  संगीत और नाटक में सुधबुध खोकर आनंद की लहॉर में डूब जाते है छोटे बड़े नए ननए कपड़ें पहनते है जिधर देखो उधर आनंद और खुशी का  सागर लहराता दिखाई देता है अत: दुर्गा पूजा हिन्दुओ का एक बड़ा ही प्रसिद्ध और पवित्र त्योहार है।  

सामाजिक महत्व यवं उपसंहार 

दुर्गा पूजा का सामाजिक महत्व भी है वर्षाऋतु की समाप्ती के बाद से वाणिज्य व्यवपार की उन्नति होती है लोग जहाँ तहाँ भ्रमण करने को मिलता है इस समय देश की जलवायु अच्छी रहती है नयी नयी फसलें और हरी सब्जियाँ खाने को मिलता है। 

अच्छा खाने खाना आसानी से पचता है सबका स्वास्थ ठीक रहता है इस प्रकार दुर्गा पूजा भारतीय जीवन के लिए सुख शांति और उन्नति का सन्देश लेकर आती है सभी लोग दुर्गा माता की प्रेम प्रूवक पूजा करते है और माता दुर्गा भी सबको सुखी रखती है। 

दुर्गा पूजा पर निबंध 10 लाइन – Durga Puja Essay 10 Line

  1. दुर्गा पूजा भारत का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। 
  2. इस त्यौहार को दुर्गोत्सव या शरदोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। 
  3. यह त्यौहार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में दश दिन तक मनाया जाता है। 
  4. मां दुर्गा द्वारा महिषासुर राक्षस पर विजय प्राप्त करने के कारण हम दुर्गा पूजा का त्यौहार मनाते है।
  5. इस असवर पर हम माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते है। 
  6. दुर्गा पूजा के पवित्र अवसर पर जगह-जगह पर माँ दुर्गा के बड़े बड़े पंडाल मनाये जाते है और बड़े ही प्रेम से सजाये जाते है। 
  7. भक्त जन मां दुर्गा का व्रत रखकर जागरण और पूजन कार्यो का आयोजित करते है।
  8. दुर्गा पूजा भारत में स्त्रियों के सम्मान और देवी की शक्ति को दर्शाता है।
  9. दुर्गोत्सव के पर्व में दसवें दिन दशहरा या विजयदशमी का पर्व मनाया जाता है।
  10. हम दुर्गा पूजा को अच्छाई पर बुराई के जीत के उपलक्ष में मनाते है।

उम्मीद करता हूँ की दुर्गा पूजा पर निबंध (Durga Puja Eassy in Hindi) आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा अगर आपको इसके बारे में समझने में कोई दिक्कत हो या कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है हम आपके प्रश्न का उत्तर जरूर देंगे।

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